Engineers Day 2022: भारत की पहली महिला इंजीनियर ए. ललिता, ऐसी है सफलता की कहानी

भारत की पहली महिला इंजीनियर ए. ललिता

परिवार के समर्थन पर ललिता ने मद्रास काॅलेज आफ इंजीनियरिंग में दाखिला लिया। उस दौरान लड़कियों के लिए इंजीनियरिंग काॅलेज में हाॅस्टल तक नहीं थे।

कौन हैं देश की पहली महिला इंजीनियर

भारत की पहली महिला इंजीनियर ए. ललिता हैं। वह एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थीं। उस दौर में महिलाओं के कंधे पर कुप्रथाओं का बोझ होता था। औरतों को पढ़ने लिखने की आजादी कम ही थी। उनका जीवन गृह कार्य तक ही सीमित होता था। ऐसे समय में स्कूल जाना, पढ़ाई करना और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाना एक बड़ा और सराहनीय पहल थी।

ए ललिता का जीवन परिचय

ए ललिता का पूरा नाम अय्योलासोमायाजुला ललिता था। उनका जन्म 27 अगस्त 1919 को चेन्नई में हुआ था। ए ललिता के पिता का नाम पप्पू सुब्बा राव था, जो पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर थे। ललिता अपने माता पिता की पांचवी संतान थी। जिसके बाद उनके दो छोटे भाई-बहन और थे। सात बच्चों के परिवार में लड़को को इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई गई और बेटियों को बुनियादी शिक्षा तक ही सीमित रखा गया। ए ललिता के तीनों भाई इंजिनियर थे।

विधवा ललिता ने इंजीनियरिंग की चुनी राह

पति की मौत के बाद ललिता के जीवन का नया दौर आया। खुद की और बेटी की जिंदगी को संवारने के लिए ए ललिता ने दोबारा शिक्षा शुरू करने के बारे में सोचा। वह अपने पिता और भाईयों की तरह नौ से पांच बजे वाली नौकरी करना चाहती थीं। ताकि काम के साथ अपनी बेटी को भी वक्त दे सकें। इंजीनियरिंग का प्रभाव उनपर बचपन से ही पड़ चुका था, ऐसे में इंजिनियरिंग को अपना लक्ष्य बनाते हुए उन्होंने पढ़ाई शुरू की।

ए ललिता का करियर

बाद में ललिता ने बिहार के जमालपुर में रेलवे वर्कशॉप में अप्रेंटिस की। फिर शिमला के सेंट्रल स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया में इंजीनियरिंग असिस्टेंट के पद पर कार्य किया। यूके में लंदन के इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स से ग्रेजुएट शिप एग्जाम भी दिया और अपने पिता के साथ रिसर्च कार्य में भी जुड़ीं।

ए ललिता का निधन 

कई जगहों पर काम करने के साथ ए ललिता भारत के सबसे बड़े भाखड़ा नांगल बांध के लिए जनरेटर प्रोजेक्ट का हिस्सा बनीं। यह उनके सबसे प्रसिद्ध कामों में से एक है। 1964 में पहले इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस आफ वुमन इंजीनियर एंड साइंटिस्ट कार्यक्रम के आयोजन में उन्हें आमंत्रित किया गया। 1979 में 60 साल की उम्र में ए ललिता का निधन हो गया।

भारत की पहली महिला इंजीनियर ए. ललिता की कहानी